Blog Content

Home – Blog Content

Aadhar Data stealing- hacking / BANK Account HACKING

केंद्र सरकार जल्द ही आधार को सभी तरह के सेवाओं पर अनिवार्य करने जा रही है, आधार डाटा कि सुरक्षा उपायों एवं ख़तरे कि जानकारी जो सीधे देश कि अर्थव्यवस्था से जुड़ी है।
2007 में तत्कालीन मनमोहन सरकार ने सभी नागरिकों के पहचान एवं उनकी वास्तविक जानकारी एकत्रित करने के लिए एक प्रोग्राम दिया जिसे आधार का नाम मिला आधार में 12 नंबरों का समूह है जिसमें व्यक्ति कि निजी जानकारी जैसे आँखों कि पहचान, उंगलियों के निशान लिंग इत्यादि एकत्रित होता है।

आधार को लेकर कई तरह कि ख़तरे सामने आ रहे हैं जिसमे मुख्य रूप से बैंकिंग एवं फ़ाइनेंस है। किसी भी देश कि रीढ़ कि हड्डी, अर्थव्यवस्था होता है परंतु आधार से जुड़े होने पर हमारी अर्थव्यवस्था पर कोई भी और कहीं से भी सेंध लगा सकता है। अर्थव्यवस्था में सेंध लगा कर किसी भी देश का अर्थव्यवस्था से संबंधित जानकारी को बदला या मिटाया जा सकता है जिससे देश दिवालिया हो जाएगा। साथ ही साथ संविधान में नागरिकों को दिये गए मौलिक अधिकारों का खंडन होता है। आधार जो सभी तरह से फायदेमंद था अचानक कैसे ख़तरे कि घण्टी बन गई जानते हैं।

सरकार डिजिटल इंडिया के द्वारा पेपरलेस वर्क को परमोट करते समय भूल गई कि हमारे देश में आधे से ज्यादा विदेशी कंपनी है जिसका सर्वर (जानकारी एकत्रित कर सुरक्षित रखने वाला कंप्यूटर) विदेशों में स्थित है। ऐसे में उपयोगकर्ता कि सारी जानकारी स्वतः दूसरे देश को मिल जाएगा। जैसे कि मोबाइल नंबर लेने के लिए जब आधार प्रयोग होता है उस कंपनी के पास उपयोगकर्ता कि निजी एवं गोपनिए जानकारी पहुँचता है। ये कंपनियां उपयोगकर्ता कि सारी जानकी तो एकत्रित कर लेते हैं परंतु उसकी सुरक्षा के लिए कुछ भी नही करते। उपयोगकर्ता कि निजी एवं गोपनिए जानकारी को संबंधित कंपनी किसी भी तरह से अन्य कार्यों के लिए उपयोग करती हैं, अन्य कंपनी से साथ जानकारी साझा करना या बेचना कोई नई बात नहीं है।

आधार के लिए निजी एवं गोपनिए जानकारी एकत्रित करने के लिए टेक्नालजी विदेशी कंपनियों द्वारा मुहैया कराया गया जिसे उसकी सुरक्षा में सेंध लगाना विदेशी कंपनियों के लिए मुश्किल कम नहीं है। सुरक्षा में सेंध एकत्रित जानकारी एवं एकत्रित हो रही जानकारी दोनों में लगाया जा सकता है।

डिजिटल इंडिया एवं आधार को लेकर सरकार ने स्थाई खाता संख्या (PAN) और बैंक खाता संख्या को आधार से जोड़ने का आदेश जारी कर समय सीमा निर्धारित कर दिया, परंतु इस पर सुरक्षा संबंधित समीक्षा करना जरूरी नहीं समझा जिससे अर्थव्यवस्था से संबंधित सारी जानकारी विदेशी कंपनियों की जद्द में आ गया और देश की अर्थव्यवस्था तबाही के कगार पर है । सरकार ने भीम मोबाईल एप्लिकेसन में आधार के द्वारा पैसे को ट्रान्सफर करने की सुविधा दे दी, परंतु उंगलियों के निशान का नकल कितनी आसानी से हो जाता है इसके बारे में नहीं सोचा। साकार ने भले ही तुगलकी फरमान जारी कर खाता संख्या (PAN) और बैंक खाता संख्या को आधार से जोड़ने का आदेश जारी कर समय सीमा निर्धारित कर दिया, परंतु सतर्क प्राईवेट बंकर्स इसे नहीं अपना कर उपभोक्ता एवं बैंक का जोखिम नहीं बढ़ाना चाहते।

देश के किसी भी सेक्यूरिटी एजेंसी द्वारा आधार बैंकिंग सत्यापित नहीं है, हाल के दिनों में हुए घटना से देश कि सेक्यूरिटी एजेंसी चव्कन्नी जरूर हो गई है पर सरकार अपनी आँखें मूँदें है।
हरियाणा में गिरफ्तार आधार कार्ड बनाने वाले गैंग (विकास) के लोगों द्वारा उंगलियों के निशान का नकल करने का संपूर्ण विवरण दिया गया एवं उनके पास से 30 से अधिक लोगों का उंगलियों के निशान का नकल प्राप्त हुआ है। उंगलियों के निशान कई तरीकों से लिया जा सकता है जैसे हाथ मिलाना, किसी वस्तु के ऊपर से, किसी उपकरण के ऊपर पारदशी वस्तु का उपयोग करके। झारखंड में एक मजदुर का आधार नंबर असम के किसी व्यक्ति के बैंक खाता से लिंक है जिससे सभी तरह का पैसा असम के व्यक्ति द्वारा इस्तेमाल किया गया जिसे बैंक अधिकारी एवं पुलिस द्वारा अब तक वापस नहीं लिया जा सका है।
सभी उपभोक्ताओं को सलाह दी जाती है कि आधार का लिंक बैंक में अपने रिस्क पर करें क्योंकि किसी भी व्यक्ति द्वारा आपका बैंक खाता आपके उंगलियों के निशान का नकल से संचालितहो सकता है।

हैकिंग और टेक्नोलॉजी से जुड़ी जानकारी के लिए पेज को फॉलो करें। इस जानकारी को ज्यादा से ज्यादा लोगों के साथ शेयर करें। एक कदम देश कि सुरक्षा कि ओर।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Dark web with AI Cyber Attack

Protect your business from Dark Web and AI-driven cyber attacks with advanced security measures, monitoring, and proactive defense strategies.